Hello guys... Below-written poem is an amazing piece of art with strong political connotations and undertones. I would like to clarify that it's NOT written by me. The poet is none other than Piyush Mishra who is also an excellent actor, music composer and writer. His work in Gulal earned him a lot of praise. Also his book on Bhagat Singh inspired the critically acclaimed, Ajay Devgan starrer "The Legend of Bhagat Singh." I thought it's definitely worth sharing. Hope you will like it..
एक बार गधी ने पूछा के, ओ गधे, इशक करता है ,
मैं जानू पक्का तू मुझको घूरे, मुझपे मरता है ,
तो गधे की तो भाई खुली lottery बोला मेरी जानम ,
तू एक हुकुम दे , कदमो पे तेरे मर जाऊ हर दम ,
तो गधी ये बोली, नहीं मैं पहले Biodata लुंगी ,
मैं thought करूंगी उसपर तब ही line clear मैं दूंगी ,
तो गधा ये बोला biodata तो मेरा है ऐसा ,
के फट जाये हा बड़े बड़ो के अटम बम के जैसा ,
मैं पाया जाता, चरता हु हरे मैदानों के अंदर ,
और साथ parliament की हर एक सीट के बैठा ऊपर ,
मिली जुली सरकार बनाता और गधो को लेकर ,
फिर झाड दुल्लात्ती झगडा करता आपस में रोरोकर ,
IAS भी मैं हु आज का IPS भी मैं हु ,
और देश चलते इन मदारियो का circus भी मैं हु ,
मैं हर दूजे दिन नयी पार्टी को declare करता ,
पर by god constitution की कसम मैं तुझपे मरता..
के फट जाये हा बड़े बड़ो के अटम बम के जैसा ,
मैं पाया जाता, चरता हु हरे मैदानों के अंदर ,
और साथ parliament की हर एक सीट के बैठा ऊपर ,
मिली जुली सरकार बनाता और गधो को लेकर ,
फिर झाड दुल्लात्ती झगडा करता आपस में रोरोकर ,
IAS भी मैं हु आज का IPS भी मैं हु ,
और देश चलते इन मदारियो का circus भी मैं हु ,
मैं हर दूजे दिन नयी पार्टी को declare करता ,
पर by god constitution की कसम मैं तुझपे मरता..
तो गधी ने दी एक broad smile...
और बोली यु भलका कर ,
Honeymoon मनाएंगे इंडिया गेट पे जाकर ,
उन मरे जवानों को देंगे सलामी जो बस ऐसे ही कट गए ,
जो आँख मूँद कर एक अरब आबादी में से घट गए ,
फिर मैं कट लुंगी high command auditorium को बस ,
और तू कट लेना राष्ट्रपति भवन राजपथ होकर ,
और health की थोड़ी सोच ज़रा तू calorie तो ले आ ,
६४ साल हुए आजादी के कुछ memory तो ले आ ..
मुल्क की लेली भैय्या ,
बात अलबेली भैय्या ,
मुल्क की लेली भैय्या ........
उन मरे जवानों को देंगे सलामी जो बस ऐसे ही कट गए ,
जो आँख मूँद कर एक अरब आबादी में से घट गए ,
फिर मैं कट लुंगी high command auditorium को बस ,
और तू कट लेना राष्ट्रपति भवन राजपथ होकर ,
और health की थोड़ी सोच ज़रा तू calorie तो ले आ ,
६४ साल हुए आजादी के कुछ memory तो ले आ ..
मुल्क की लेली भैय्या ,
बात अलबेली भैय्या ,
मुल्क की लेली भैय्या ........
- Piyush Mishra

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